गल सुणा
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भाषा बगदा नीर है। बगते दियां रगड़ां नै एह् संगरोदी पंगरोदी बदलोंदी गांह्
बधदी जांदी। दूइयां भाषां दे लफ्जां नै समरिध हुंदी रैंह्दी। सिखदी भी सखांदी
भी...
रेगिस्तान में पानी
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*खबर मिली कि नाटशाला के सिरजनहार सरदार जतिन्दर बरार नहीं रहे। *
*नाटशाला पर अपनी पुरानी पोस्ट फिर से साझा कर रहा हूं।*
*मुझे सन 2011 में अमृतसर में उनके ...
Rakhee memories of Simla of the Sixties
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Perhaps I would be repeating myself if I write about the excitement and
festivity acting as a veneer to hide our greed for money and sweets every
Rakhee da...
जीवन के उच्च मूल्यों को दर्शाती 'खाली भरे हाथ'
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समीक्षा खाली भरे हाथ। मूल लेखक : आचार्य जगदीश चंद्र मिश्र I अनुवाद राम लाल
वर्मा राही I समीक्षक : रौशन जसवाल ————————————– खाली भरे हाथ आचार्य
जगदीश चंद...
जीवन के उच्च मूल्यों को दर्शाती 'खाली भरे हाथ'
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समीक्षा खाली भरे हाथ। मूल लेखक : आचार्य जगदीश चंद्र मिश्र I
अनुवाद राम लाल वर्मा राही I समीक्षक : रौशन जसवाल
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ख...
यश पाल जयंती 2023
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जिला भाषा अधिकारी सोलन ने यश पाल जयंती पर काव्य गोष्ठी का आयोजन बहुदेशीय
सांस्कृतिक परिसर कोठो सोलन में किया।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि वरिष्ठ साहित्य शंकर...