इक गुजराती कवता
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हिन्दिया दा इक रसाला है साखी । तिसे दे अंक 39 बिच गुजरातिया दे मशहूर कवि
नाटककार *सितांशु यशश्चंद्र* होरां दा इक लेख कनै इक कविता छपियो है। अनुवाद
भी ...
पीर घनेरी
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*पीर घनेरी*
(लीलाधर मंडलोई की आपबीती - जब से आँख खुली है)
लीलाधर मंडलोई की आत्मकथा ‘जब से आँख खुली है’ से पहले मधु कांकरिया की ‘ढाका
डायरी’ पढ़ी थी।...
Rakhee memories of Simla of the Sixties
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Perhaps I would be repeating myself if I write about the excitement and
festivity acting as a veneer to hide our greed for money and sweets every
Rakhee da...
जीवन के उच्च मूल्यों को दर्शाती 'खाली भरे हाथ'
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समीक्षा खाली भरे हाथ। मूल लेखक : आचार्य जगदीश चंद्र मिश्र I अनुवाद राम लाल
वर्मा राही I समीक्षक : रौशन जसवाल ————————————– खाली भरे हाथ आचार्य
जगदीश चंद...
जीवन के उच्च मूल्यों को दर्शाती 'खाली भरे हाथ'
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समीक्षा खाली भरे हाथ। मूल लेखक : आचार्य जगदीश चंद्र मिश्र I
अनुवाद राम लाल वर्मा राही I समीक्षक : रौशन जसवाल
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ख...
यश पाल जयंती 2023
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जिला भाषा अधिकारी सोलन ने यश पाल जयंती पर काव्य गोष्ठी का आयोजन बहुदेशीय
सांस्कृतिक परिसर कोठो सोलन में किया।
कार्यक्रम के मुख्यातिथि वरिष्ठ साहित्य शंकर...